What is computer in hindi-कंप्यूटर क्या है

0
376
computer क्या है | computer meaning in hindi
computer क्या है | computer meaning in hindi

(What is computer ?)-कंप्यूटर क्या है

COMPUTER एक ऐसा ELECTRONIC यंत्र है जिसका उपयोग डाटा को STORE करने और उसे PROCESS करने के लिए किया जाता है |

आज हम हमारे इस लेखन में What is computer इसके बारे में बात करेंगे | अधिकतर सबको पता है की COMPUTER एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है | जो हमारे द्वारा दिए हुए निर्देशों का पालन करते हुए हमे एक सही आउटपुट देता है | आप लोग सोच रहे होंगे की फिर इस लेखन में ऐसा क्या है जो हम सबको जानना जरुरी है |

क्योंकि जिस मशीन से हमारा रोज काम पड़ता हो जो हमारे कार्य करने की प्रणाली में सुधार करता हो | उसके बारे में शुरू से लेकर अन्त तक हमारे लिए जानना जरुरी हो जाता है इससे हमारे knowledge में भी वर्धी होती है जो GOVT. के होने वाले EXAMS में हमे सहायक होती है |

आज जिस COMPUTER मशीन का हम इस्तेमाल करते है उसके पीछे वैज्ञानिको के मेहनत का नतीजा है | आज हम इस लेखन में COMPUTER FULL FORM , COMPUTER PARTS और यह केसे work करता है, इसका अविष्कार आदि के बारे में बात करेंगे |तो चलिए बात करते है हम कंप्यूटर के बारे में |

computer क्या है | computer meaning in hindi

"<yoastmark

COMPUTER एक एसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो हमारे द्वारा दिए हुए निर्देशों का पालन करते हुए कार्यो को सम्पादित करता है |

COMPUTER शब्द LETIN भाषा के शब्द “COMPUTARE ” से लिया गया है | जिसका अर्थ गणना (CALCULATION )करना  होता है | 

COMPUTER के मुख्य रूप से 3 कार्य होते है |

पहला :- हमारे द्वारा दिया हुआ निर्देश प्राप्त करना या INPUT लेना |

दूसरा :- हमारे द्वारा दिए हुए डाटा को प्रोसेस करना |

तीसरा :- प्रोसेस किये हुए डाटा को हम लोगों को दिखाना या OUTPUT देना |

INPUT DATA–PROCESS DATA –OUTPUT DATA

कंप्यूटर का FULL-FORM :-

C :- COMPUTER

O :- OPERATING

M :- MACHINE

P :- PARTICULARY

U :- USED FOR

T :- TECHNICAL AND

E :- EDUCATION

R :- RESEARCH

COMPUTER का अविष्कार :-

सबसे  पहले mechanical computer को वर्ष 1822 में Charles Babbage द्वारा बनाया गया था, लेकिन ये अभी के computer जैसा बिलकुल भी नहीं दिखता था, उसके बाद वर्ष 1837 में Charles Babbage ने पहला general mechanical computer propose किया जिसे  Analytical Engine के नाम से जाना गया |

इसमें punch card की मदद से डाटा को insert किया जाता था |

कंप्यूटर numrical और non-numrical दोनों प्रकार के डाटा को प्रोसेस करता है |

कंप्यूटर का इतिहास | GENERATION OF COMPUTER IN HINDI

इसका विकास कई चरणों में हुआ, जेसे-जेसे कंप्यूटर का डिजाईन , उसके FEATURE में change होता गया, वेसे-वेसे कंप्यूटर को अलग-अलग GENERATION में तब्दील करते गये | ताकि हम सब को इन्हें समझने में आसानी हो |

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी ( FIRST GENERATION OF COMPUTER  ):- 1946-1956 “VACUUM TUBES “

COMPUTER की पहली पीढ़ी की शुरआत एकर्ट और मुचली के एनिएक (ENIAC” ELECTRONIC NUMRICAL INTEGRATOR AND COMPUTER”) से हुई थी | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में VACUMM TUBES का इस्तेमाल किया गया |

पहले पीढ़ी के कंप्यूटर साइज़ में बड़े हुआ करते थे | और इनको चलाने में काफी मेहनत लगती थी | ज्यादा बड़े होने के कारण ये गर्म भी जल्दी हो जाया करते थे | ये बहुत महंगे होने की वजह से जनता की पहुच से दूर थे |

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के लक्षण :-

  • VACUMM TUBES का प्रयोग
  • पंचकार्ड पर आधारित
  • स्टोरेज के लिए MAGENATIC DRUM का प्रयोग
  • बहुत सारे एयर-कंडीशनर का प्रयोग
  • बहुत ही कम विश्वनीय

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी (SECOND GENERATION OF COMPUTER) 1956-1964 “TRANSISTOR”

इस पीढ़ी के COMPUTER में TRANSISTOR का इस्तेमाल किया गया | WILLIAM SHOCKLEY ने ट्रांजिस्टर का अविष्कार 1947 में किया जिसका उपयोग दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में किया गया |

इसमें HIGH PROGRAME भाषा  जेसे COBOL और FORTUNE का प्रयोग |

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के लक्षण :-

  • छोटे और उर्जा का कम उपयोग
  • अधिक तेज और कम खर्चीले
  • प्रिंटर और ऑपरेटिंग सिस्टम आदि का प्रयोग
  • वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर का उपयोग

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी (THIRD GENERATION OF COMPUTER )1965-1971 “INTEGRATED CIRCUITS”

इस पीढ़ी के COMPUTER को I.C (INTEGRATED CIRCUIT ) प्रदान किये गए | जिसका अविष्कार टेक्सास इंस्ट्रूमेंट कंपनी (TEXAS INSTRUMENT COMPANY ) के अभियंता जैक किल्बी ने किया था |

इससे फायदा ये हुआ की कंप्यूटर के कार्य करने की गति बहुत बढ़ गयी |पहली बार इस पीढ़ी के कंप्यूटर में मॉनिटर, कीबोर्ड और ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया |

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के लक्षण :-

  • I.C का प्रयोग
  • आकार और वजन में बहुत कम
  • आसान रख-रखाव
  • भाषाओ का वर्ध स्तर पर प्रयोग

कंप्यूटर की चर्तुथ पीढ़ी (FOURTH GENERATION OF COMPUTER ) 1971-1985 “MICROPROCESSORS”

इस पीढ़ी मे I.C को और आधिक विकसित किया गया जो एक छोटी सी चिप में आ गयी जिसे MICROPROCESSORS कहा गया |

इसके उपयोग से कंप्यूटर की SPEED और अधिक बढ़ गयी |

कंप्यूटर की चर्तुथ पीढ़ी के लक्षण :-

1.आकार में बहुत कमी

2.लोगों के बजट के अन्दर

3.अधिक मेमोरी क्षमता

4. कंप्यूटर के अधिक नेटवर्क का विकास

कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी (FIFTH GENERATION OF COMPUTER ) 1985-अब तक  “ARTIFICIAL INTELLIGENCE “

यह आज का दौर है जिसमे कंप्यूटर हर प्रकार के क्षेत्र में अपना दबदबा कायम किये हुए है | आजकल छोटे से छोटे आकार में भी कंप्यूटर देखने को मिल जाता है |आजकल के कंप्यूटर इतने सक्षम है की पेसो का आदान-प्रदान, सुचना ,दस्तावेजो आदि का work हम जल्दी से जल्दी कर लेते है |

कंप्यूटर के आंतरिक पार्ट्स :-

computer क्या है जब हम कंप्यूटर के अन्दर देखते है तो उसमे कई छोटे छोटे CIRCUITS होते है | जो हमे समझ नही आते की वो ACTUALY होते क्या है |

अब हम इन सर्किट्स के बारे में बात करते है |

1.MOTHER-BOARD :-मदरबोर्ड एक Printed Circuit Board (PCB) होता है,किसी भी कंप्यूटर के मुख्य बोर्ड को MOTHER-BOARD कहा जाता है | जिस पर कई छोटे-छोटे सर्किट (CPU,RAM,HDD,PRINTER MOUSE ,KEYBOARD,BIOS, CMOS ) जुड़े होते है

2.CPU (कंट्रोल प्रोसेसिंग यूनिट ):- CPU को कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है | जेसे हमें कुछ कम करने के लिए अपना दिमाग चलाना पड़ता है वेसे ही कंप्यूटर को जब हम इनपुट देते है तो वह CPU के माध्यम से work स्टार्ट कर देता है |

3.RAM (RANDOM ACCESS MEMORY ) :-यह सिस्टम का SHORT TERM मेमोरी होता है जेसे ही कंप्यूटर कुछ कार्य करता है तो यह उसे अपने पास Temporary सेव कर लेता है | जब कंप्यूटर बंद हो जाता है तो ये डाटा भी ख़तम हो जाता है इससे बचने के लिए हमे डाटा को SAVE कर लेना चाहिए |

RAM को MB (MEGABYTE ) और GB (GIGABYTE ) में मापा जाता है |

कंप्यूटर VERSION के अनुसार ही हमे RAM का USE करना चाहिए | इससे SPEED सुधरती है |

4.POWER SUPPLY CIRCUIT:- इसका उपयोग मैंन  पॉवर से पॉवर सप्लाई लेके बाकि के पार्ट्स में पॉवर पहुचाना है |

6.HARD DRIVE :- इसका उपयोग डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है

कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर :-

COMPUTER के वे भाग जिन्हें हमारे द्वारा छुआ जा सकता  है वे हार्डवेयर कहलाते है | जेसे :-mouse ,keyboard,desktop etc.

COMPUTER के वे भाग जिन्हें हम छु नही सकते केवल देख सकते है सॉफ्टवेयर कहलाते है जेसे :- कंप्यूटर प्रोग्राम्स

कंप्यूटर के प्रकार (TYPES OF COMPUTER )

COMPUTER को अधिकतर ने केवल PERSONAL COMPUTER के रूप में ही देखा है लेकिन ऐसा नहीं है |अलग-अलग क्षेत्र में कंप्यूटर के कई उपयोग है जेसे CALCULATOR कैलकुलेशन करने के लिए , ATM पेसे निकालने के लिए , SCANNER किसी चीज़ को स्कैन करने के लिए |

1.DESKTOP :-इन कंप्यूटर का उपयोग लोग अपने पर्सनल कार्य के लिए करते है , इसका उपयोग घर, कार्यालय, इन जगहों पर एक किसी निश्चित स्थान पर रखकर किया जाता है.

2.LAPTOP :-ये बैटरी POWRED होते है इन्हें हम अपनी जरुरत के हिसाब से कही भी ला और ले जा सकते है |

3.TABLET :-यह हाथो में रखा जाने वाला एक छोटा कंप्यूटर होता है जिसमे कीबोर्ड और माउस नहीं होते बस इसकी स्क्रीन पर ही ये सब होते है यही से हम इनका प्रयोग करते है |

4.SMARTPHONE :- ये भी एक तरीके से छोटे कंप्यूटर ही होते है जिनका उपयोग हम बातचीत करने के लिए भी करते है |

5.SERVERS :- ये बहुत ही बड़े सुपर पावर्स कंप्यूटर होते है जिनका उपयोग बहुत सारे डाटा को STORE करने के लिए किया जाता है |

आज हमने क्या सिखा 

हमने आज इस लेखन में computer क्या है | computer meaning in hindi इसके बारे में हमारी हिंदी भाषा में जाना है | मेने इस लेख में computer meaning in hindi के बारे में बहुत कुछ बताने की कोशिश की है|

आशा करता हु की मेरे द्वारा दी हुई जानकारी आपकी knowledge में इजाफा करेगी | और इस कार्य के लिए में अपने आप को अनुग्रहित समझूंगा |अगर आपको हमारे लेख में थोडा भी DOUGHT हो तो आप comment करके हमसे पूछ सकते है |

अगले लेख में हम कंप्यूटर shortcut key के बारे में बात करेंगे |

इस लेख में कोई भी कमी हो तो हमे जरुर बताये ताकि हम इसमें सुधार कर सके |

ये भी पढ़े :-

 

 

 

 

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here