True Motivational Stories In Hindi-अच्छे-अच्छे महलो में भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है

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True Motivational Stories In Hindi
True Motivational Stories In Hindi

कहानी, बड़ी सुहानी 

हेल्लो दोस्तों,आज में फिर आपके लिए लेकर आया हूँ बहुत ही मजेदार और प्रेरणात्मक कहनियों का संग्रह (motivational stories) , जिन्हें पढ़कर आपको बहुत कुछ सिखने को मिलेगा और आप अपने जीवन में बहुत अच्छा कर पाएंगे | आशा करता हूँ की आपको ये कहानिया (motivational stories in hindi) बहुत ही पसंद आएगी |

तो आइये शुरू करते है :-True motivational stories in hindi

1.अच्छे-अच्छे महलो में भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है ..

सेठ रामदास के दो पुत्रो में जमीन-जायदाद का बटवारा चल रहा था और एक पांच पट्टी के कमरे को लेकर विवाद बढ़ता चला जा रहा था |

एक दिन दोनों भाई मरने मरने पर उतारू हो गये ,तो पिताजी बहुत जोर से हस पड़े |

पिताजी को हसता देखकर लड़ाई छोड़ पिताजी के पास गये और पिता से हसी का कारण पूछा |

पिताजी ने कहा :-इस थोड़े से जमीन के टुकड़े के लिए इतना लड़ रहे हो , इसे छोड़ो !

आओ मेरे साथ ,में तुम्हे एक अनमोल खजाना बताता हूँ |

पिता रामदास और उसके दोनों पुत्र उनके साथ चल दिए |

पिताजी ने कहाँ की अगर तुम फिर से  लड़े तो में तुम्हे उस खजाने तक नही लेके जाऊंगा और बिच रास्ते में ही लौट कर आ जाऊंगा |

महत्वपूर्ण सुविचार हिंदी में



अतः दोनों पुत्रो ने खजाने के चक्कर में एक समझोता किया की “चाहे कुछ भी हो जाये पर हम लड़ेंगे नहीं और प्रेम पूर्वक यात्रा करेंगे |

एक दुसरे गाँव जाने के लिए एक बस मिली पर सिट दो जनों की ही मिली और वह तीन थे | अब बिना कोई झगडा किये कभी पिताजी के साथ पहला लड़का बेठे तो कुछ दूर बाद दूसरा |

कुछ समय बस में चलने के बाद वह गाँव आ गया जहाँ पिताजी उन दोनों के लेकर आये थे |

रामदास दोनों के लेकर गाँव में ही सुनी पड़ी एक हवेली पर लेकर गये , यह हवेली चारो तरफ से बहुत सुनसान थी | रामदास ने देखा की हवेली पर जगह-जगह कबूतरों ने घोंसला बना लिया है तो रामदास वहीँ बैठकर रोने लग गये |

पिताजी को रोता देख, पुत्रो ने पूछा की आप क्यों रो रहे हो ?.

तो रोते हुए रामदास कहता है की गौर से देखो इस हवेली को और जरा याद करो वो बचपन जो तुमने यहाँ बिताया था

तुम्हे याद है इस हवेली के लिए मेने अपने भाई से बहुत झगडा किया था अतः यह हवेली तो मुझे मिल गयी लेकिन मेने मेरे भाई को हमेशा के लिए खो दिया क्योंकि वो हवेली मुझे देकर दूर जाकर कहीं विदेश में बस गया और आज तक अपने भाई से मिलने नहीं आया | और फिर समय बदला और हमें भी यह हवेली छोड़कर जाना पड़ा |

फिर वो अपने पुत्रो से कहता है की अच्छा बताओ “बस में जिस सिट पर हम बैठकर आये थे , क्या वो बस की सिट हमें मिल जाएगी और अगर वो मिल जाये तो क्या वो हमेशा हमेशा के लिए हमारी हो जाएगी ?.मतलब की उस सिट पर हमारे अलावा कोई नहीं बेठे |

अतः दोनों पुत्रो ने जवाब दिया की पिताजी ऐसे केसे हो सकता है , बस की यात्रा तो रोज चलती रहती है और उस सिट पर सवारियां बदलती रहती है | पहले कोई और बेठा था , आज कोई और बेठा और कल कोई और बेठेगा | और वेसे भी उस सिट में क्या रखा है जो थोड़ी दूर के लिए ही हमारी है |

Inspired story in hindi

पिताजी ने कहाँ की यही तो में तुम दोनों को समझाना चाहता हूँ की जो थोड़ी देर के लिए तुम्हारा है , तुमसे पहले उसका मालिक कोई और था , थोड़ी देर के लिए तुम हो और तुम्हारे बाद कोई और होगा |

बस बच्चो एक बात ध्यान रखना की “इस थोड़ी सी देर के लिए रिश्तो की आहुति ना दे देना , यदि मन में कोई प्रलोभन आ जाये तो इस हवेली की दशा को देख लेना की “अच्छे-अच्छे महलो में भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है |

बस बच्चो मुझे इतना कहना था की “बस की उस सिट को याद रख लेना जिसकी रोज सवारियां बदलती रहती है , एसी सिट के लिए अपनों की आहुति मत दे देना , जिस तरह बस की यात्रा में तालमेल बिठाया था . बस वेसे ही जीवन की यात्रा में भी तालमेल बिठा लेना |

दोनों पुत्र पिता की बातो का मतलब समझ गये और चरणों में गिरकर रोने लगे और पिता से माफ़ी माँगने लगे और आगे से भाई के साथ खुशी से रहने का संकल्प करने लगे |

True motivational stories in hindi शिक्षा :-

दोस्तों,जो कुछ भी धन-संपदा हमारे पास है वो बस कुछ देर के लिए ही है , थोड़ी-थोड़ी देर में यात्री भी बदल जाते है और मालिक भी | रिश्ते बहुत अनमोल होते है , इस मोह माया में फसकर कहीं किसी अनमोल रिश्ते को ना खो देना |

2.कभी ऐसा भी करिए ,मन खुश हो जायेगा



जयपुर में एक बहुचर्चित दुकान पर लस्सी का आर्डर देकर हम सभी दोस्त आराम से बैठकर एक दुसरे के साथ बात कर ही रहे थे की लगभग 65-70 साल की बुजुर्ग स्त्री पेसे मांगते हुए मेरे सामने हाथ फेलाकर खड़ी हो गयी |

कमर झुकी हुई ,चेहरे की झुरियों में भूख साफ़ नजर आ रही थी , आँखे अन्दर की और धसी हुई किन्तु सजल थी | उन्हें देखकर ना जाने मन में क्या आया की “जेब में सिक्के निकालने के लिए डाला हुआ हाथ वापस बाहर खीचते हुए उनसे पुच लिया .

“दादी लस्सी पिओगी “?

मेरी इस बात से दादी कम हेरान हुई और मेरे दोस्त अधिक ! क्योंकि अगर में उन्हें पेसे देता तो शायद दो या पांच रूपये ही देता लेकिन लस्सी तो 25 रूपये की एक थी | अतः लस्सी पिलाने से मेरे गरीब हो जाने की और उस दादी के द्वारा मुझे ठग कर अमीर हो जाने की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ गयी थी |

दादी ने सकुचाते हुए और हाँ भरी और अपने पास जो मांग कर जमा किये हुए 5-6 रूपये थे वह अपने कापते हुए हाथो से मुझे दिया ,



मुझे कुछ समझ नहीं आया तो  मेने दादी से पूछा की “ये क्यों ?”

दादी ने कहा की “इनको मिलाकर मेरी लस्सी के पैसे चूका देना बाबूजी !”

भावुक तो में उन्हें देखकर ही हो गया था , बची हुई कसर उनकी इस बात ने पूरी कर दी थी |

अचानक से मेरी आँखे छलछला उठी और भरे हुए गले से मेने दुकान वाले से एक लस्सी देने को कहा |

दादी ने अपने पेसे मुठी में बंद किये और पास ही जमीन पर बेठ गयी |

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उनको निचे बेठा देखकर मुझे अपनी लाचारी का अनुभव हुआ क्योंकि में वहां पर मोजूद दुकानदार , ग्राहकों और अपने दोस्तों की वजह से उनको कुर्सी पर बेठने के लिए नहीं कह सका |

मन में डर था की कोई मुझे टोक ना दे …., कहीं किसी को एक भीख माँगने वाली महिला के उनके बराबर में बिठाये जाने पर आपति ना हो जाये ..

लेकिन वह कुर्सी जिस पर में बेठा था मुझे काट रही थी ..|

जेसे ही लस्सी आई में अपनी लस्सी लेकर दादी के साथ जमीन पर बेठ गया क्योंकि ऐसा करने के लिए तो में सवतन्त्र था , इससे किसी को दिक्कत भी नहीं हो सकती थी | हाँ ! मेरे मित्रो ने मुझे एक पल के लिए घुरा ..

लेकिन वो कुछ कहते उससे पहले ही दुकानदार ने दादी को उठाकर कुर्सी पर बिठा दिया और मेरी और मुस्कुराकर हाथ जोड़कर कहा “कुर्सी पर बेठ जाइये साहब , मेरे यहाँ ग्राहक तो बहुत आते है लेकिन इंसान कभी-कभार ही आता है “

अब सबके हाथो में लस्सी के गिलास और चेहरे पर सहज मुस्कराहट थी , बस वो एक दादी ही थी जिनकी आँखों में तृप्ति के आसू , होठो पर लस्सी के कुछ अंस और दिल में सेकड़ो दुआए थी |

True motivational stories in hindi शिक्षा :-

जब भी हम किसी भूखे गरीब को देते है या उस पर खर्च करते है तो वो हमें बहुत ज्यादा लगते है लेकिन जरा सोचिये की क्या वो चंद रूपये किसी के मन को तृप्त करने से अधिक कीमती है ?.

जब कभी अवसर मिले ऐसे दयापूर्ण और करुनामय काम करते रहे , चाहे कोई आपका साथ दे या ना दे , यकीन मानिये इससे आपको जो आत्मिक सुख मिलेगा वह अमूल्य होगा |

3.न्यायधीश का दंड



एक बार एक शहर में 15 साल का लड़का स्टोर में चोरी करते हुए पकड़ा गया , लड़के को जज के सामने पेश किया गया |

जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा “तुमने क्या सचमुच ब्रेड और पनीर का पेकेट चुराया था “?

लड़के ने जवाब दिया :-हाँ

जज :-क्यों

लड़का :-मुझे इसकी जरुरत थी |

जज :-खरीद लेते |

लड़का :-पेसे नहीं थे |

जज :-घर वालो से ले लेते |

लड़का :-घर में सिर्फ माँ है , बीमार है और ब्रेड और पनीर भी उन्ही के लिए चुराया था |

जज :-तुम कुछ काम क्यों नहीं करते |

किसी का मजाक न उड़ाए



लड़का :-करता था एक कार-वाश की दुकान में लेकिन माँ की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी मांगी तो उन्होंने मुझे काम से निकाल दिया |

जज :-तुम किसी की मदद मांग लेते |

लड़का :-सुबह घर से निकलने के बाद तक़रीबन 100 लोगो के पास मदद के लिए गया लेकिन मदद नहीं मिल पाने की वजह से आखिर में यह कदम उठाया |

जिरह खत्म हुई और जज ने फेसला सुनाना शुरू किया , खाने की चोरी बहुत शर्मनाक जुर्म है और इन सब के लिए हम सब जिम्मेदार है . अदालत में मोजूद हर शख्स मेरे सहित सब मुजरिम है , इसीलिए यहं मोजूद हर शख्स पर दस=दस डॉलर का जुर्माना लगाया जाता है , कोई भी बिना 10 डॉलर दिए यहाँ से बाहर नहीं जायेगा |

ये कह कर जज ने दस डॉलर अपनी जेब से बाहर निकाल कर रख दिए और पेन उठाकर न्याय पुस्तिका में लिखना शुरू किया “में उस स्टोर पर भी एक हजार डॉलर का जुर्माना लगाता हूँ जिसने एक भूखे बच्चे से गेर इंसानी सलूक करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया |

अगर चोबिश घंटे में जुर्माना जमा नहीं हुआ तो कोर्ट ,स्टोर सिल करने का हुकुम दे देगी |

जुर्माने की पूर्ण राशी इस लड़के को देकर कोर्ट इस लड़के से माफ़ी तलब करती है |

फेसला सुनने के बाद कोर्ट में मोजूद लोगो के आँखों से आसूं तो बर्ष ही रहे थे साथ ही उस लड़के के भी आशुं नहीं रुक रहे थे , वह लड़का बार-बार उन जज को देख रहा था जो अपने आशु छिपाते हुए कोर्ट रूम से बाहर निकाल गये |

True motivational stories in hindi शिक्षा :-

क्या हमारा समाज,सिस्टम इस तरह के निर्णय के लिए तेयार है ? चाणक्य ने कहा है की “यदि कोई भूखा इंसान रोटी चोरी करता हुआ पकड़ा जाता है तो उस देश के लोगो को शर्म आनी चाहिए |



आशा करता हूँ की आपको ये सभी कहानियां (True motivational stories in hindi) बहुत पसंद आई होगी और आपको इनसे कुछ न कुछ जरुर सिखने को जरुर मिला होगा..कृपया अपने कीमती सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताये 😐

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