S P Balasubramaniam Biography In Hindi-एसपी बाला सुब्रमण्यम जीवनी

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S P Balasubramaniam Biography
S P Balasubramaniam Biography

S P Balasubramaniam

“मौत से क्या डरना उसे तो आना है ,दो दिन की है जिन्दगी हमे अपना फर्ज निभाना है” ये लाइन है उस महान भारतीय गायक और अभिनेता की जिन्हें भारतीय मिडिया और फिल्म जगत बालू के नाम से जानते है | हाँ जी हम बात कर रहे है S P Balasubramaniam की जिन्होंने मेने प्यार किया फिल्म का परसिध गाना “कबूतर जा ,कबूतर जा “गाया था |

तो आइये बात करते है S P Balasubramaniam Biography हिंदी में |

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि:-

S P Balasubramaniam का जन्म आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के पास कोनेटमपेटा में एक रूढ़िवादी तेलुगु ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह तीन बेटों और पांच बेटियों के परिवार में दूसरा बेटे है । उनके पिता एस.पी.संबामूर्ति हरिकथा के जाने-माने प्रतिपादक थे और उनकी बहन एस.पी. शैलजा टॉलीवुड में एक पूर्व अभिनेत्री-गायिका हैं, जिनका विवाह सुभलेखा सुधाकर से हुआ था। एसपी बालसुब्रमण्यम की पत्नी का नाम सावित्री है। एसपी बालसुब्रमण्यम के बेटे का नाम पीबी चरण और बेटी का नाम पल्लवी है।

इंजीनियरिंग पढ़ी पर ज्ञान म्यूजि​क का पाया:

S P Balasubramaniam ने बचपन में शौक के रूप में गायन शुरू किया। उन्होंने अपने जीवन में बहुत पहले ही संगीत के प्रति रुचि विकसित कर ली थी और उन्होंने अपने पिता की बात सुनते हुए नोटेशन का अध्ययन किया था और हारमोनियम और बांसुरी वादन जैसे वाद्य यंत्र बजाना सीखा था।

उनके पिता चाहते थे कि बालू इंजीनियर बने, अतः वे अनंतपुर चले आये , जहाँ उन्होंने JNTU में इंजीनियरिंग कोर्स के लिए दाखिला लिया। बाद में उन्होंने टाइफाइड के कारण पाठ्यक्रम को बंद कर दिया और फिर एएमआईई में शामिल हो गए।

इसी दौरान उन्होंने अपने गायन के शौक को कम नहीं होने दिया और कई गायन प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीते। वहां उन्हें कॉलेज के वार्षिक कार्यक्रमों में एक अच्छे गायक के रूप में पहचाना गया। कुछ दोस्तों ने उन्हें मद्रास में गाने की सिफारिश की और रेफरल प्रदान किया।

1964 में, मद्रास स्थित तेलुगु सांस्कृतिक संगठन ने शौकिया गायकों के लिए एक संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया। बालू ने पहला पुरस्कार जीता, और यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। संगीत निर्देशक एसपी कोडंदापानी उन्हें अपने साथ ले गए। इसके बाद , इनके पास कई फिल्मो जेसे की  तेलुगु, तमिल, कन्नड़ के प्रस्ताव आए।

पार्श्व गायन (Playback Singing):

S P Balasubramaniam ने 15 दिसंबर, 1966 को श्री श्री श्री मर्यादा रमन्ना के साथ फिल्मी संगीत में अपनी शुरुआत की, जो उनके गुरु कोडंदापानी द्वारा बनाई गई फिल्म थी। उन्होंने तब से 40,000 से अधिक गाने गाए हैं, जिनमें से 5 से अधिक विभिन्न भारतीय भाषाओं में तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और मलयालम शामिल हैं। वह किसी भी गायक द्वारा सबसे अधिक गाने की रिकॉर्डिंग (लता मंगेशकर के पास एक महिला गायक के लिए रिकॉर्ड) को गाने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में विश्व रिकॉर्ड रखती है।

एक प्रतिभाशाली गायक, वह अपनी अविश्वसनीय  गहरी समृद्ध आवाज, और शैली, तकनीक और नियंत्रण की महारत के लिए जाने जाते थे | इन गुणों ने उन्हें भारतीय संगीत की विभिन्न शैलियों में व्यक्त करने की अनुमति दी, और भारत के कई फिल्म संगीत रचनाकारों द्वारा उनकी अत्यधिक मांग की गई।

S.P.B, हालांकि बहुत कम उम्र के थे, उन्होंने कई अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों के लिए गाना शुरू किया। बालासुब्रमण्यम ने 1981 में 12 घंटे लगातार सिंगिंग कर 21 गाने रिकॉर्ड किए थे। उन्हें 6 बार सिंगिंग के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया है। उन्होंने संस्कृत में भी गाना गाया है |

चिरंजीवी और रजनीकांत की फिल्मों में ज्यादातर परिचय गीत एसपीबी द्वारा गाए जाते हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि बालासुब्रमण्यम की आवाज़ कमल हासन को सबसे ज्यादा पसंद आती है। कभी-कभी, लोग यह भी पता नहीं लगा सकते हैं कि यह कमलजी गा रहे है या बालू जी है |

एसपीबी ने तमिल में कुछ सदाबहार गाने भी गाए हैं, जैसे ‘नानम अनथेन उरवाई’, ‘नेन्जुक्कुले’ और ‘जुइयिलप्पुदिचु’। उन्होंने ई-टीवी पर पाडुथा थेयागा नामक तेलुगु में लोकप्रिय टीवी शो की मेजबानी भी की है |

उपलब्धियां:-

  • बालासुब्रमण्यम को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में से 2001 में पद्मश्री और 2011 में पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है।
  • बालासुब्रमण्यम जी को 6 बार National award  सम्मानित किया गया है
  • इन्होने 16 भाषाओ में 40,000 गाने गाये है |
  • इन्होने तमिल में एक दिन में 19 गाने और हिंदी में एक दिन में 16 गाने रिकॉर्ड किए गए हैं, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
  • उन्होंने कई फिल्मों में पूर्ण नायक वाली भूमिकाओं में भी काम किया है। और “पाडुथा थेगा” नाम से एक तेलुगु टीवी कार्यक्रम के लिए एक एंकर भी है। माँ टीवी पर, उन्होंने ‘पाडलनिवुन्धि’ नामक एक बच्चों के गायन शो की मेजबानी की, जिसमे इन्होने बहुत लोकप्रियता हासिल की |

Dubbing Career:

सुब्रह्मण्यम ने रजनीकांत, कमल हासन, सलमान खान, भाग्यराज, मोहन, गिरीश कर्नाड, जेमिनी गणेश, नागेश, कार्तिक, रघुवरन, विनोदकुमार, आदि कई कलाकारों के लिए भी आवाज दी है। बालासुब्रमण्यम तमिल से डब की गई कमल हसन की तेलुगु फिल्मों के लिए डिफ़ॉल्ट डबिंग कलाकार थे।

Death:

5 अगस्त 2020 को, एस पी बालासुब्रह्मण्यम को कोरोना पॉजिटिव के बाद चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया और वह COVID19 से उबर गए, लेकिन 25 सितंबर को 74 साल की उम्र में एसपी बालासुब्रमण्यम ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया |

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धन्यवाद |

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