किसी का मजाक न उड़ाए कहानी हिंदी में~Motivational story in hindi

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किसी का मजाक न उड़ाए कहानी हिंदी में~Motivational story in hindi
किसी का मजाक न उड़ाए कहानी हिंदी में~Motivational story in hindi

Motivational story in hindi

inspiration story:-एक बार एक पिता अपने 22 साल के बेटे के साथ ट्रेन में सफ़र कर रहा था ,बेटा ट्रेन में खिड़की वाली सीट के पास बेठा हुआ था और आस-पास भी कई यात्रीगण बेठे हुए थे | वह लड़का जो अपने पिता के साथ बेठा हुआ था कुछ देर बाद अजीब सी हरकत करने लगा |

जैसे ही ट्रेन चली तो उस लड़के ने अपने पापा से कहा की :- पापा देखो पेड़
पीछे छूट रहे हैं ,सब लोग पीछे छूट रहे हैं, हम आगे बढ़ रहे हैं, कितने बड़े-बड़े पहाड़ हैं ,कितनी सारी गाड़िया हैं,आसमान में कितने पंछी हैं सब कुछ कितनी तेजी से पीछे छुट रहा हैं |

वहाँ पर बेठे कुछ यात्रियों से रहा नहीं गया और उन्होंने कहा :- भाई साहब अगर
आप बुरा ना माने तो आपसे एक बात  कहे

पिता ने कहां :-हाँ जी कहिये |

Apne aap ko sudharna motivational story in hindi

तो उन्होंने कहा :- आपका बेटा ये अजीब हरकते क्यों कर रहा हैं क्या इसे कोई समस्या हैं , अगर इसे कोई समस्या है तो आप इसे डॉक्टर को दिखा सकते हो और चाहे तो हम एक डॉक्टर को जानते हैं आपकी बात करा देते हैं |

इस पर उस लड़के के पिता का जवाब था :-

हम इसे डॉक्टर के पास ही दिखा कर आ रहे हैं
मेरे बेटे की बचपन से  आंखें नहीं थी यह अंधा था,
और आज ही उसकी आंखें ठीक हुई है तो इसलिए ऐसी हरकतें कर रहा है
क्योंकि इसने दुनिया आज ही  देखी है और ये सब इसके लिए नया हैं |

सभी यात्री ये सुनकर दंग रह गये और उस पिता से आँख भी नही मिला पाये |

इस कहानी के माध्यम से हमे यह शिक्षा मिलती हैं की :-

किसी की बुरी हालत देखकर उस पर हमें हँसना नहीं चाहिए |
लोगों को किसी भी प्रकार से  जज नहीं  करना चाहिए पता नहीं किसी के साथ क्यों समस्या रही हो | और
हो सकता है कि आप जिस नजरिये  से लोगों को देख रहे हैं वह वैसे है नहीं|
तो आशा करता हूं कि आपको समझ आ गई होगी |

(2) दिल को छू लेने वाली कहानी | inspiration Story in hindi

 एक बार की बात है। एक बार एक गुरु और शिष्य साथ-साथ कहीं जा रहे थे। उस रास्ते में एक खेत में कुछ मजदुर काम कर रहे थे | वहाँ पर उसे एक मजदुर के जूते पड़े दिखाई दिए तो उस शिष्य को कुछ मजाक करने की सूझी
 उसने अपने गुरु जी से कहा “गुरु जी अगर हम इन जूतों को छुपा दे तो कितना मजा आएगा”?

देखते हैं कि मजदूर पर इसका क्या असर पड़ता है?

अब उसको तो मजाक सूझ रहा था। लेकिन गुरु जी ने कहा। कि नहीं? गरीब इंसान के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना ठीक नहीं है

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फिर उस शिष्य ने गुरु से कहा :-“क्यों ना? हम इन जूतों में कुछ सिक्के डाल दें और देखें कि इसका इस गरीब गरीब मजदूर पर क्या प्रभाव पड़ता है?”

गुरूजी ने कहा ठीक हैं फिर उसे शिष्य ने ऐसा ही किया |

जैसे ही वह मजदूर अपना काम करके लौटा। और उसने एक पाँव अपने जूते में डाला। तो उसको कुछ महसूस हुआ उसने  जूते के अन्दर हाथ डाला तो उसको कुछ सिक्के दिखाई दिए वह थोड़ा आश्चर्य में पड़ गया आसपास किसी को देखा तो कोई भी दिखाई नहीं दिया।
फिर उसने दूसरा पैर भी अपने जूते में डाला और वापस उसको उसमें कुछ सिक्के दिखाई दिए। अब दोनों जूतों के सिक्कों को उसने अपने हाथों में रखा। और?
प्रभु से प्रार्थना करी की ” हे प्रभु पता नहीं। किस भले मानुष ने यह सिक्के मेरे जूतों में छुपाये है लेकिन जिसने भी छुपाये हैं। भगवान उसे लम्बी उम्र देना और उसे हमेशा खुश रखना|
अब में इन पैसों से अपने बच्चों और पत्नी के लिए कुछ खाना और दवाइयां ला सकूँगा और इतना कह कर वह चला गया। इस बात को गुरु और शिष्य  दोनों सुन रहे थे |
फिर गुरु ने शिष्य से कहा की “अब तुम मुझे बताओ कि तुम्हें कैसा महसूस हुआ तुम्हारी पहले वाली मजाक या मेरा यह तरीका”?
तो उसने कहा कि गुरु जी? मैं आपसे क्षमा मांगता हूँ, मुझे समझ आ गया है कि सच्ची खुशी किस चीज में है जब हम किसी का मजाक उड़ाते हैं तो हमें कुछ पल का आनंद मिलता है लेकिन इससे हमें बद्दुआ मिलती है। लेकिन
अगर हम किसी की मुश्किल परिस्थिति में मदद करते हैं तो सामने वाला तो खुश होता ही हैं लेकिन उससे ज्यादा हम खुश होते हैं
जब से मेने उस मजदुर के चेहरे पर उन पेसो की ख़ुशी देखी हैं तब से में बेर मन और तन भी बहुत खुश हैं | यही सच्ची खुशी है जब हम दूसरों को खुशी देते हैं तो हमें सच्ची खुशी मिलती है।

निष्कर्ष :

इस कहनी से हमें यह शिक्षा मिलती हैं की हमें भी मुस्किल में पड़े हर व्यक्ति की यथा-संभव मदद करनी चाहिए न की उसको परेशान करना चाहिए |

आशा करता हूँ की आपको ये motivational story in hindi जरुर पसन्द आई होगी, अगर हाँ तो जुड़े रहिये हमसे | हम आपके लिए आगे भी एसी ही खुबसूरत motive कहानियाँ लेके आते रहेंगे |

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