Motivational Hindi Story-बेहतरीन प्रेरणात्मक कहानियाँ

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Motivational Hindi Story
Motivational Hindi Story

True motivational story in hindi

हल्लो दोस्तों, केसे है आप सब लोग ,आशा करता हूँ की आप सभी अच्छे होंगे और अच्छे कार्यो में प्रगतिशील होंगे | में आपके लिए आज फिर से कुछ बहुत ही Motivational Hindi Story लेके आया हूँ जो आपको जीवन में आगे बढ़ने में काफी सहायता प्रदान करेगी |

तो आइये बिना समय गवाएं शुरू करते है :-(Hindi motivational story,Motivational story,Short motivational story in hindi,Motivational story in hindi,A motivationl story,Stoy in hindi)

अनगिनत मुश्किले :Motivational story 1

Motivational Hindi Story:सुरेश और महेश दो भाई थे , वे शहर से धन कमाकर वापिस अपने गाँव लौट रहे थे | सुरेश ने बहुत अधिक तो महेश ने बहुत कम धन कमाया था | जब वे सुनसान रास्ते से गुजरे तो महेश के मन में खोट आ गया, की अगर सुरेश का धन भी मुझे मिल जाये तो बड़े आराम से जिन्दगी कटेगी |

उनके रास्ते में एक उथला कुआ पड़ा तो महेश ने सुरेश को उस कुए में धक्का दे दिया ,और बड़े ख़ुशी से उसका सारा धन ले लिया , लेकिन उसने देखा की सुरेश तो कुए से बहार आने का प्रयतन कर रहा है |

Motivational Hindi Story:

उसने सोचा की अगर ये बाहर आ गया तो मेरा धन भी चला जायेगा और ये मुझे कहीं का नही छोड़ेगा | अतः उसने कुए में मिटटी डालना शुरू किया |

जब सुरेश ने देखा की महेश उसे दबाने के लिए मिटटी डाल रहा है तो उसने उसी मिटटी के ऊपर पैर रखना शुरू किया , मिटटी डालते डालते महेश थक चूका था और दूसरी तरफ सुरेश उसी मिटटी को सीढियों की भाती इस्तेमाल करके ऊपर आ गया था |

Motivational Hindi Story निष्कर्ष :-

दोस्तों कई बार हमारे जीवन में इस मिटटी की तरह काफी अनगिनत मुश्किले हमारे जीवन में एक साथ आ जाती है , लेकिन जो व्यक्ति सयंम से और दिमाग से काम लेता है ,वह अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ जाता है |

अधुरा ज्ञान : Motivational story 2.

Motivational Hindi Story:एक बार एक राजा वन में घुमने के लिए गया। घूमते हुए वह इतनी अधिक आ गया की वह रास्ता भटक गया | वह जब थोड़ी दूर इधर-उधर चला तो उसे एक कुटिया दिखाई दी , वह जब उस कुटिया में गया तो वहां एक आदमी था |

राजा ने उसे अपनी व्यथा बताई , अतः उस आदमी ने राजा को खाना खिलाया और पानी पिलाया |

उस आदमी के अतिथि सत्कार से प्रसन्न होकर राजा ने उसे अपना एक चन्दन का बाग उसे दे दिया ताकि उसका भी आने वाला समय बहुत ही आनन्दित बीते | और राजा वहाँ से अपने राज्य लौट आया |

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उस वनवासी को जब वो चन्दन का बाग मिल गया तो वह उस बाग में गया,उसे चन्दन के बारे में कोई ज्ञान नही था की यह लकड़ी कितनी बहुमूल्य है |

अतः वह अपनी आजीविका चलाने के लिए चन्दन की लकड़ियों को जलाता और उनसे प्राप्त कोयले को बाजार में बेच देता , और जो भी उनसे मुनाफा मिलता उससे वह अपना घर चलाने लगा |

धीरे-धीरे सभी चन्दन के पेड़ खत्म हो गये, आखिर में बस एक पेड़ बचा हुआ था , अतः उसने सोचा की इसका तो कोयला बनेगा नही तो में क्यों न इस लकड़ी को ही बेच आऊ |

उस चन्दन की लकड़ी का गट्ठर जब बाजार में पंहुचा तो उस चन्दन की सुगंध से सारा बाजार महक उठा , और एक व्यापारी ने उसे उन लकड़ियों के बदले बहुत सारा धन दिया |

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इतना धन पाकर वह वनवासी अचंभित हुआ और उसने उस व्यापारी से इतने धन का कारन पूछा |

तो व्यापारी ने कहा की यह चन्दन की लकड़ी है और ये बहुत ही मूल्यवान है , अगर तुम्हारे पास एसी और भी है तो में उनके बदले तुम्हे और भी धन दे सकता हूँ |

यह सुनकर वनवासी दुखी हुआ की उसने इतनी मूल्यवान वस्तु को कोयला बनाकर कोडी के भाव बेच दिया |

Motivational Hindi Story निष्कर्ष :-

इस दुनिया में बहुत से लोग इसी वनवासी की तरह है जो अपने समय का दुरपयोग कर रहे है , अतः हमें अपने बुधि और विवेक से काम लेना चाहिए और हमें ज्ञान होना चाहिए | बहुत कुछ गवांकर भी अगर मनुष्य संभल जाता है तो वह भी बुद्धिमान माना जाता है |

निस्वार्थ सेवा : Motivational story 3.

Motivational Hindi Story:एक बार एक मछली का व्यापारी एक नदी किनारे अपनी पत्नी और प्यारे से 2 बच्चो के साथ अपने घर में रहा करता था |
ये परिवार प्यार से अपनी मस्ती में रहा करता था और बच्चे नदी की खूबसूरती का भरपूर मजा लिया करते थे |
एक दिन व्यापारी ने सोचा कि मेरी नावे कुछ ज्यादा ही पुरानी दिखाई देती है क्यों ना इनके ऊपर रंग कराया जाये |  और इनकी कुछ मरम्मत भी करा दी जाए ताकि इनकी सुंदरता बढ़ जाये |

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अगले सुबह उसने के पेंटर को बुलाया और अपनी नाव दिखाई , व्यापारी के हाँ कहने पर उस पेंटर ने नावो को कलर करने का काम शुरू कर दिया |
श्याम हो चुकी थी और दोनों बच्चे अभी तक घर नही लोटे थे , दोनों माता-पिता परेशान थे |
अतः वह व्यापारी नदी के किनारे की तरफ चल पड़ा | उसने देखा की पानी की तरफ से एक नाव आ रही है , उसमे वो दोनों बच्चे और वह पेंटर था |
यह देख उस व्यापारी ने राहत की साँस ली और दोनों बच्चो को गले से लगा लिया |
व्यापारी ने पूछा की काम हो गया तो पेंटर ने हामी भरी |
व्यापारी ने उससे उसकी मजदूरी पूछी तो वह बोला की  1000 रूपये हो गये है |
लेकिन व्यापारी जब सभी के सामने ये कहतैा है की तुम्हारा काम 1 लाख रुपये का है |
और उसके हाथ मे एक लाख रुपये थमा दिए

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पेंटर ने पूछा की आखिर आप मुझे इतने ज्यादा पेसे क्यों दे रहे है तो व्यापारी ने कहाँ की “तुम मेरे बच्चो के रक्षक हो “
और व्यापारी ने पूरी बात बताई की मेने जो नाव तुम्हे रंग करने के लिए दी थी उसमे एक छेद था जो तुमने निस्वार्थ भाव से उसे भर दिया जो की आपका काम है ही नहीं |
अगर तुम ऐसा नही करते तो शायद में आज अपने बच्चो का मुह नहीं देख पाता |
इसीलिए जिस निस्वार्थ भाव से तुमने मेरी मदद करी है उसके लिए में आपका ऋणी हूँ |
में तो कुछ पेसे देकर आपकी मदद की है लेकिन सही बताऊ तो इस अहसान की कोई कीमत नहीं है |
पेंटर नम आँखों से विदा लेता है |

Motiv ational Hindi Storyनिष्कर्ष :-

किस तरह हमे बिना स्वार्थ के किये गए काम का अच्छा परिणाम मिलता है,अगर हम भी जीवन मे बिना स्वार्थ के लोगो की मदद करते रहेंगे तो हम भी लोगो के जीवन मे और दिलो में जगह बना पाएंगे और अगर आप किसी की जान बचाते हो तो इसका ऋण तो कोई भी जीवन भर नही चुका सकता |

चिड़िया का ज्ञान : Motivational story 4.

Motivational Hindi Story:एक बार एक राजा के महल में बहुत ही खुबसूरत बगीचा था और उस बगीचे में एक अंगूर का पेड़ था |
वहाँ एक चिडिया रोज आती और अंगूर खाती , लेकिन उस चिड़ियाँ की एक ही समस्या थी की वह मीठे मीठे अंगूर तो खाती और खट्टे अंगूर को जमीन पर गिरा देती | जिससे की अंगूरों का काफी नुकसान हो रहा था |

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यह सब देख उस बगीचे का माली बहुत गुस्से में आ गया, पहले तो खुद उसने उस चिडया को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन जब वह विफल हो गया तो उसे ये बात अपने राजा को बताई |
राजा ने जब ये सब सुना तो उसने माली से कहाँ की तुम जाओ श्याम को में आके खुद देखता हूँ |
अब राजा बड़े ही ध्यान से उस चिड़ियाँ को देखने लगा और मौका पाते ही राजा ने चिड़ियाँ को पकड़ लियां |
अब चिडयाँ बहुत ही समझदार थी उसने अपनी समझदारी दिखाते हुए राजा से कहाँ की आप मुझे छोड़ दीजिये ,में आपको ज्ञान की बहुत ही महत्वपूर्ण 4 बाते बताउंगी |
राजा ने कहा ठीक है बता |

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चिडयाँ कहती है की :-
  1. हाथ आये शत्रु को कभी छोड़ना नहीं चाहिए |
  2. अनजान बातो पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए |
  3. जो हो गया उस पर पश्चाताप नहीं करना चाहिए |

और चौथी बात बताने से पहले चिड़ियाँ राजा को बोली की राजा साहब मेरा
दम  घुट रहा है, आप मुझे ढीला छोड़े  मै आपको आखिरी बात बताती हूँ |

जेसे ही राजा ने चिड़ियाँ को ढीला छोड़ा और चिड़िया उड़ गयी और बोली :

4. मेरे पेट में 2 हीरे है |

राजा को पश्चाताप होने लगा राजा गुस्से में हो गया |

चिड़ियाँ ने राजा को बोला की मेने आपको कहा था की हाथ आये शत्रु को कभी नहीं छोड़ना चाहिए,
फिर भी आपने छोड़  दिया

मेने आपको कहा था की अनजान बातो पर विश्वाश नहीं करना चाहिए लेकिन आपने किया,
की मेरे पेट में 2  हीरे है  जो की संभव ही नहीं है

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और जो हुआ उस पर ज्यादा नहीं सोचना चाहिए,

लेकिन आप फिर भी सोच रहे हो |

आखिरकार राजा को ज्ञान की 4 बाते समझ  में आ ही गयी थी |

Motivational Hindi Story निष्कर्ष :

हमें शिक्षा चाहे कोई भी दे रहा हो चाहे वह बड़ा हो या छोटा हमे ले लेनी चाहिए और उसका सदुपयोग करना चाहिए |

आशा करता हूँ की आपको ये सभी Motivational Hindi Story पसंद आई होगी , अगर आपके कोई सवाल हो तो हमें कमेंट करके जरुर बताये |

धन्यवाद |

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