Janmashtami पर जाने भगवान श्री कृष्ण से जुड़े रोचक तथ्य

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Janmashtami पर जाने भगवान श्री कृष्ण से जुड़े रोचक तथ्य
Janmashtami पर जाने भगवान श्री कृष्ण से जुड़े रोचक तथ्य

Janmashtami से जुड़ी वो बातें, जो हैरान कर देंगी आपको

भगवान विष्णु के आठवे अवतार श्रीकृष्ण की कई गाथाओ और के बारे में आपने सुना होगा और टीवी पर आने वाले प्रोग्राम्स में भी  देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी भगवान श्रीकृष्ण के बारे में कुछ रोचक सुना है, उनसे जुड़ी कहानियों को पढ़ा है |

Krishana Janmashtami के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी वो बातें जानिये, जो चोकाने वाली हैं और संभवत: जिनके बारे में आप नहीं जानते |

तो आइये शुरू करते है भगवान श्री कृष्ण से जुड़े रोचक और मजेदार तथ्य :-

  • भगवान कृष्ण के कुल 108 नाम हैं, जिनमें गोविंद, गोपाल,कान्हा ,नन्दलाल , घनश्याम, गिरधारी,राधा-रमण, मोहन, बांके बिहारी, बनवारी, चक्रधर, देवकीनंदन, हरि, और कन्हैया प्रमुख हैं |
  • अपने गुरु संदिपनी को गुरु दक्ष‍िणा देने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने उनके मरे हुए बेटे को जीवित कर दिया था |
  • श्रीकृष्ण की कुल 16108 पत्न‍ियां थीं, जिनमें से 8 पटरानी (रुक्मणी ,जाम्बवंती ,सत्यभामा ,कालिंदी,मित्रबिन्दा,सत्या , भद्रा और लक्ष्मणा ) हैं |
  • कृष्ण, देवकी की आठवीं संतान थे, सातवीं संतान बलराम थे, भगवान श्री कृष्ण ने बाकी छह को भी देवकी से मिलवाया था | यह छह बच्चे हिरणकश्यप के पोते थे और एक श्राप में जी रहे थे।



15 August पर निबंध हिंदी में

  • श्रीकृष्ण से भगवत गीता सबसे पहले अर्जुन ने ही नहीं, बल्क‍ि हनुमान और संजय ने भी सुनी थी क्योंकि हनुमानजी कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान अर्जुन के रथ में सबसे ऊपर सवार थे और संजय अपनी दिव्य दृष्टी से गीता का सार सुन रहे थे |
  • ऐसा कहा जाता है कि श्रीकृष्ण के मानव अवतार का अंत एक शिकारी के तीर से हुआ था |
  • भगवान श्री कृष्ण के 1 लाख 61 हजार 80 पुत्र थे और 16 हजार 108 कन्याये थी |
  • भगवान् श्री कृष्ण के धनुष का नाम शारंग व मुख्य आयुध चक्र का नाम सुदर्शन था। इनकी बराबरी के विध्वंसक केवल दो अस्त्र और थे, पाशुपतास्त्र ( शिव, कॄष्ण और अर्जुन के पास) और प्रस्वपास्त्र ( शिव, वसुगण, भीष्म और कृष्ण के पास) था |

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  • भगवान् श्री कृष्ण के खड्ग का नाम नंदक, गदा का नाम कौमौदकी और शंख का नाम पांचजन्य था जो गुलाबी रंग का था ।
  • भगवान श्रीकृष्ण के रथ का नाम जैत्र था और उनके सारथी का नाम दारुक/ बाहुक था, उनके घोड़ों का नाम शैव्य, सुग्रीव, मेघपुष्प और बलाहक था |
  • भगवान श्री कृष्ण की त्वचा का रंग मेघश्यामल था और उनके शरीर से एक सुगन्धित गंध निकलती थी।
  • भगवान् श्री कृष्ण की परदादी “मारिषा” व सौतेली माँ रोहिणी (बलराम की माँ ) “नाग” जनजाति की थीं ।

किसी का मजाक न उड़ाए कहानी

  • लोगो को लगता है की  अर्जुन सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे, परन्तु वास्तव में श्री कृष्ण इस विधा में भी सर्वश्रेष्ठ थे और ऐसा सिद्ध हुआ मद्र राजकुमारी लक्ष्मणा के स्वयंवर में जिसकी प्रतियोगिता द्रौपदी स्वयंवर के ही समान लेकिन और भी कठिन थी, इस स्वयंवर में कर्ण व अर्जुन दोंनों असफल हो गए और तब भगवान श्री कॄष्ण ने लक्ष्यवेध कर लक्ष्मणा की इच्छा पूरी की, जो पहले से ही उन्हें अपना पति मान चुकीं थीं।
  • भगवान श्री कृष्ण से जेल में बदली गई यशोदापुत्री का नाम एकानंशा था, जो आज विंध्यवासिनी देवी जिनका मंदिर  हिमाचल प्रदेश में है और जिसे बंदला माता भी कहा जाता है , के नाम से पूजी जातीं हैं ।
  • भगवान् श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा का वर्णन महाभारत, विष्णुपुराण भागवतपुराण व  हरिवंशपुराण में नहीं है। उनका उल्लेख गीत गोविंद, ब्रह्मवैवर्त पुराण व प्रचलित जनश्रुतियों में रहा है ।
  • श्री कृष्ण ने दो नगरों की स्थापना की थी द्वारिका (पूर्व में कुशावती) और पांडव पुत्रों के द्वारा इंद्रप्रस्थ (पूर्व में खांडवप्रस्थ)।



भगवान गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य Krishana Janmashtami

  • श्री कृष्ण अंतिम वर्षों को छोड़कर कभी भी द्वारिका में छह: महीने से अधिक नहीं रहे ।
  • जैन परंपरा के अनुसार श्री कॄष्ण के चचेरे भाई तीर्थंकर नेमिनाथ थे जो हिंदू परंपरा में घोर अंगिरस के नाम से प्रसिद्ध हैं।
  • श्री कृष्ण ने अपनी औपचारिक शिक्षा उज्जैन के संदीपनी आश्रम में मात्र कुछ महीनों में ही पूरी कर ली थी ।
  • ऐसा माना जाता है कि घोर अंगिरस अर्थात नेमिनाथजी  के यहाँ रहकर भी उन्होंने साधना की थी |

जीवन में प्रेरणा भर देने वाली सर्वश्रेष्ठ प्रेरक कहानियाँ

  • कलारीपट्टु का प्रथम आचार्य कृष्ण को माना जाता है। इसी कारण नारायणी सेना भारत की सबसे खतरनाक प्रहारक सेना बन गई थी |
  • श्री कृष्ण ने कलारिपट्टू की नींव रखी जो बाद में बोधिधर्मन से होते हुए आधुनिक मार्शल आर्ट में विकसित हुई ।
  • प्रचलित अनुश्रुतियों के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण ने मार्शल आर्ट का विकास ब्रज क्षेत्र के वनों में किया था। डांडिया रास का आरंभ भी भगवान कृष्ण  ने ही किया था ।
  • भगवान श्री कृष्ण की मांसपेशियां मृदु थी लेकिन युद्ध के समय विस्तॄत हो जातीं थीं, इसलिए सामान्यतः लड़कियों के समान दिखने वाला उनका लावण्यमय शरीर युद्ध के समय अत्यंत कठोर दिखाई देने लगता था ठीक ऐसे ही लक्ष्ण कर्ण व द्रौपदी के शरीर में देखने को मिलते थे।

भगवान तो सरलता पर ही रिझाते है | Krishana Janmashtami

  • भगवान् श्री कृष्ण ने केवल सोलह साल की उम्र में चाणूर और मुष्टिक जैसे मल्लों का अंत किया। मथुरा में दुष्ट रजक के सिर को हथेली के प्रहार से अलग कर दिया था ।
  • श्री युद्ध कृष्ण ने कई युद्धों का संचालन किया था, परन्तु इनमे तीन युद्ध  सर्वाधिक भयंकर थे। 1. महाभारत, 2. जरासंध और कालयवन के विरुद्ध 3. नरकासुर के विरुद्ध |
  • श्री कृष्ण के जीवन का सबसे भयानक द्वंद्व युद्ध सुभुद्रा की प्रतिज्ञा के कारण अर्जुन के साथ हुआ था, जिसमें दोनों ने अपने अपने सबसे विनाशक शस्त्र सुदर्शन चक्र और पाशुपतास्त्र निकाल लिए थे। बाद में देवताओं के मनाने पर दोनों शांत हुए थे |
  • भगवान् श्री कृष्ण ने श्रीमद्भगवतगीता के रूप में आध्यात्मिकता की वैज्ञानिक व्याख्या दी, जो मानवता के लिए आशा का सबसे बड़ा संदेश थी, है और हमेशा रहेगी |

 

आशा करता हूँ की आपको ये लेख Janmashtami पर जाने भगवान श्री कृष्ण से जुड़े रोचक तथ्य पसंद आया होगा ,आपके सुझाव हमें कमेंट करके जरुर बताये |

जय श्री कृष्ण 

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