इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण,आप भी जानिए-Hindu Parampara in hindi

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इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, आप भी जानिए-Hindu Parampra in hindi
इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, आप भी जानिए-Hindu Parampra in hindi

Hindu Parampara in hindi

हिंदू धर्म में काफी सारे रीति-रिवाज (upasana) और परम्पराएँ हैं। कुछ लोग इन्हें अंधविश्वास और पिछड़ी सोच बताते हैं, तो कुछ इन्हें आस्था मानकर अपनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन रिवाज़ों और परम्पराओं के पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं?.

1.नमस्ते :-

किसी से मिलने पर हमारी संस्कृति में हाथ जोड़कर नमस्ते करने की परंपरा है, हमारे शास्त्रों में इसके पाँच प्रकार  बतलाये गए है जिन में से एक है “नमस्ते ” या “नमस्कार “ |

इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, आप भी जानिए-Hindu Parampra in hindi

 

“नमः का अर्थ होता है झुक गया और असते का मतलब सर ( अहंकार और अभिमान से भरा )अथार्थ मेरा अभिमान  से भरा सर आपके सम्मुख झुक गया” । 

इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह भी है की नमस्ते करते वक्त सभी उंगलियां जब आपस में जुड़ती हैं तो उन पर दबाव पड़ता है एक्यूप्रेशर की वजह से उसका सीधा असर हमारी आँख,कान और दिमाग पर होता है। इसके अलावा नमस्ते करने से दूसरे के हाथों को स्पर्श से नहीं होता, इससे आप कीटाणुओं के संपर्क में आने और खतरनाक बिमारियों से भी बच जाते हैं।

2.तिलक लगाना :-

तिलक हिंदु संस्कृती की पहचान है  जब भी हम किसी मंदिर जाते है या कोई शुभ कार्य होता है तो हम माथे पर कुमकुम,चन्दन, केशर आदि का तिलक लगाते है | पर बहुत कम लोगों को पता होगा की इसके लगाने के पीछे का क्या महत्व है |

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शास्त्रों में वर्णन मिलता है की संगम तट पर स्नान के बाद तिलक लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है , इसी वजह से वहाँ बेठे पंडितो द्वारा अपने भक्तो को तिलक लगाया जाता है



तिलक लगाने के पीछे आध्यात्मिक महत्व ये है की हमारे शरीर में 7 चक्र होते है , जहाँ तिलक लगाया जाता है वहाँ पर आज्ञा चक्र होता है और यहीं से पुरे शरीर का संचालन होता है यह शरीर का प्रमुख स्थान होता है क्योंकि यही पर शरीर की सभी ग्रन्थियाँ आके मिलती है | इसीलिए इसे त्रिवेणी संगम भी कहाँ जाता हैं | इसे मन का घर कहाँ जाता है | जब हम योग करते है तब भी इसी जगह पर ध्यान केन्द्रित किया जाता हैं, चावल के साथ तिलक लगाने से लक्ष्मी जी आकर्षित होती है और दिमाग को शीतलता मिलती है |

3.पीपल के पेड़ की पूजा :-

हिंदु धर्म में सभी लोग पीपल के पेड़ की पूजा करते है, पीपल वृक्ष की पूजा को शास्त्रों में बहुत ही चमत्कारी परिणाम देने वाला बताया गया है। मान्यता है कि इस वृक्ष में देवी-देवताओं (भगवान विष्णु जी और लक्ष्मी जी ) का वास होता हैं, पीपल वृक्ष की पूजा करने से व्यक्ति के सभी संकट दूर होने के साथ धन,यश,समृद्धि,कीर्ति आदि की प्राप्ति होने लगती है।

इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, आप भी जानिए-Hindu Parampra in hindi
pipal ka ped

इसके पीछे साइंटिफिक कारण यह है की “पीपल ही एक मात्र ऐसा पेड़ है, जो रात में भी ऑक्सीजन छोड़ता है।”

4.ज़मीन पर बैठकर खाना :-

आजकल शहरो में डाइनिंग टेबल पर बैठकर , खड़े-खड़े खाना खाने का प्रचलन बन गया है लेकिन हम आपको बता दे की पालथी मारकर जमीन पर बैठकर खाना खाने का हमारी संस्कृती में बहुत अधिक महत्व है इससे ना केवल खाना सही से पचता है बल्कि हमारा दिमाग और मन भी शांत रहता है |

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जमीन पर बैठकर खाना खाने का अर्थ सिर्फ भोजन करने से नहीं है अपितु यह एक प्रकार का योगासन माना जाता है। जब हम जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो इस पालथी मारने के आसन को पद्मासन की तरह देखा जाता है। यह आसन हमारे स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभप्रद है।

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5.सूर्यनमस्कार :-

हिंदु धर्म में सूर्य को भगवान का दर्जा दिया गया है और कहा जाता है की सूर्य ही ऐसे देवता है जो हमें रोज साक्षात् दीखते है | हमारे द्वारा सूर्य को नमस्कार करने और जल चढाने की परम्परा है, जब हम भगवान सूर्य को जल चढाते है तो जल के बीच से आने वाली सूर्य की किरणे जब आंखों में जाती है तो इससे आंखों की रोशनी अच्छी होती है।

इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, आप भी जानिए-Hindu Parampra in hindi

और हमें यह जल सुबह 8 बजे तक चढ़ा लेना चाहिए क्योंकि उसके बाद सूर्य में तेज आ जाता है और हम सूर्य की तरफ देख भी नहीं पाते |

6.शिखा रखना :-

हमनें देखा है की ब्राह्मण लोग अपने सिर के बीचोंबीच शिखा अथार्थ चोटी रखते है, जिसका हमारे हिंदु धर्म में अत्यधिक महत्व है , सुश्रुत संहिता में लिखा है कि मस्तक के भीतर ऊपर जहाँ बालों का आवृत (भंवर) होता है, वहाँ  सम्पूर्ण नाडिय़ों का मेल है, उसे “अधिपतिमर्म” कहा जाता है।

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शिखा रखने से मस्तिक में पवित्र भाव उत्पन्न होते हैं। इससे दिमाग स्थ‍िर रहता है और व्यक्ति को गुस्सा नहीं आता है  इससे सोचने और समझने की क्षमता भी बढ़ती है।

कहा जाता है की शिखा का आकार गाय के खुर के जितना होना चाहिए , इससे छोटी होने पर शिखा अच्छे से कार्य नहीं करती |

7.कान छिदवाना:-

कान छिदवाने की परम्परा भारतीय संस्कृती में बरसो से चली आ रही हैं जहाँ पहले लडकियाँ ही अपने कान छिदवाती थी वहीं अभी लड़के भी पीछे नहीं है कान छिदवाना फैशन ही नहीं बल्कि आयुर्वेद के मुताबित कान छिदवाने से ना केवल इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है बल्कि इससे स्मरण शक्ति भी बढ़ती है |

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कान छिदवाने से आँखों की रौशनी तेज होती है और लकवा जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता हैं |

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8.सिंदूर लगाना :-

हिंदु सनातन धर्म में सुहागन स्त्रिओं की मांग में सिंदूर लगाना शुभ और अनिवार्य माना जाता है | स्त्री द्वारा सिंदूर लगाने से पति की उम्र और पत्नी के सोभाग्य में वृद्धि होती है |

इन 10 हिंदू परंपराओं के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, आप भी जानिए-Hindu Parampra in hindi

इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है की सिंदूर में हल्दी, चूना और मरकरी होता है जो रक्तचाप (BP) को नियंत्रित रखता है, इतना ही नहीं इससे यौन उत्तेजना भी बढ़ती है, इसलिए विधवा महिलाओं को सिंदूर लगाने की मनाही होती है।

सिंदूर में पारा धातु की अधिकता होती है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती हैं। इससे महिलाओं की बढ़ती आयु के संकेत नजर नहीं आते हैं।

9.चूड़ी पहनना :-

हिंदू धर्म में महिलाओं के हाथों में चूड़ी पहनने का विशेष महत्व होता है, चूड़ियाँ पहनने से महिलाओ के हाथों की सुंदरता बढ जाती है और साथ ही चूड़ियों को सुहाग का प्रतीक माना जाता है |

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इसके साथ ही वैज्ञानिक महत्व है की चूड़ियाँ पहनने से हाथो में एक रगड़ उत्पन्न होती है जिससे खून का प्रवाह संतुलित रहता है और थकान मिटटी है |

10.व्रत रखना :-

ज्योतिष शास्त्र का मानना है की व्रत रखने से देवी-देवता खुश होते है | हिंदु धर्म में व्रत रखने का विशेष महत्व बताया गया है , लोग अपनी-अपनी आस्था अनुसार दिन भर बिना कुछ खाये-पिये भूखे रहते है और एक समय भोजन करते है  या एक समय भी नहीं करते हैं |

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आयुर्वेद का मानना है की व्रत रखने से पाचन को आराम मिलता है और जब हम एक दिन कुछ खाते पीते नहीं है तो हमारे शरीर से हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं |

व्रत रखने से पाचन में तो सुधार आता ही है इसके अलावा यह तनाव कम करने में भी सहायक रहता है ,जिस दिन हम व्रत करे उस दिन हमें बहुत पानी पीना चाहिए जिससे शरीर में उर्जा बनी रहेगी |

आशा करता हूँ आपको ये Hindu Parampara in hindi पसंद आया होगा, अपने विचार और सुझाव हमें कमेंट करके जरुर बताये |

धन्यवाद |

ये भी पढ़े :- हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम व उनका महत्व

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6 COMMENTS

  1. बहुत खूब आपने हमारी परंपराओं को जिंदा रखने के लिए प्रयास आपका सराहनीय है! सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा आपने अपरिचित चीजों से परिचित करवाया आपका धन्यवाद🙏🙏

  2. It’s amazing …
    We proud of our indian culture ..
    Now in covid19 whole world is following our culture…
    We are proud to be Indian 💪💪

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