Hindi Short Kahani | ये कहानियाँ आपको सफल बना सकती है

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हेल्लो दोस्तों, में आपके लिए लेकर आया हूँ मजेदार ,रोचक और प्रेनात्मक कहानियाँ , ये Motivational story in hindi for success कहानियाँ हमारे जीवन में बहुत अहम् रोल अदा करती है | Motivational story की अच्छी सिख को अपने जीवन में अपनाकर हम बहुत आगे बढ़ सकते है , कुछ भी पा सकते है |

Motivational story हमे उत्साहित करती है जीवन में कुछ अच्छा करने को ,उत्साहित करती है की हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए कठिन मेहनत करे |

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आज मैं आपको ऐसी motivational stories in hindi for success बता रहा हूँ  जिसे पढ़ने के बाद
आपकी ऊर्जा पहले जैसी नही रहेगी, अच्छी हो जाएगी , तो चलिए |
बिना आपका समय गवाये hindi short kahani को शुरू करते है |

1.हार गया लेकिन खुद से जीत गया :-hindi short kahani

hindi short kahani:-एक गाँव में राहुल नाम का लड़का रहता था , उसे दोड़ लगाने का बहुत शौक था | वह गाँव और गाँव के आसपास में होने वाली सही दोड़ प्रतियोगिता में भाग ले चूका था लेकिन वह दोड़ कभी जित नहीं पाया था इसके पीछे कारण ये भी था की जब तक कहीं प्रतियोगिता नहीं होती तो वह अपनी दोड़ की कमी को सुधरता नहीं था |

फिर एक बार उसने ठान ही लिया की अबकी बार मुझे केसे भी ये रेस जितनी है | गाँव में प्रतियोगिता आई उसमे उसने भाग लिया और रेस शुरू हुई |

इशारा मिलते है ही सभी ने दोड़ लगानी शुरू की देखते ही देखते सभी राहुल से आगे निकल रहें थे | और राहुल को थकान महसूस हो रही थी |

वह तेज नही दोड़ पा रहा था लेकिन उसने धीरे-धीरे आगे बढ़ना जारी रखा , थोड़ी ही दूर बढ़ा था की वह लड़खडाके निचे गिर पड़ा लेकिन वह तुरंत उठा और फिर से दोड़ने लगा और अपने आप से कहने लगा की मुझे ये रेस जितनी ही है | थोड़ी दूर और दोडा  लेकिन वह रेस हार चुका था |

लेकिन आज हार जाने के बाद भी वह खुश था क्योंकि उसने पूरी कोशिश की थी | आज वह हार कर भी जीता था |

hindi short kahani निष्कर्ष :-

Motivational story in hindi इस कहानी से हमे ये शिक्षा मिलती है की हमें किसी भी हालात में हार नहीं माननी चाहिए हम हमेशा देखते है की जब हमारी परीक्षा होती है तो हम सोचते है की कल पढ़ लेंगे लेकिन जब परीक्षा पास में आ जाती है तो कुछ भी नहीं हो पाता |

हमें लगातार मेहनत करते रहना चाहिए , अगर आप रोज 4 घंटे पढ़ते हो और कभी किसी दिन पढाई नहीं होने के आसार हैं तो कम से कम 1 घंटा तो निकालो , जिससे रूटीन बना रहेगा | धन्यवाद

 

2. कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है |

(hindi short kahani )

Motivational story:-एक समय की बात है गुरुजी अपने शिष्यों के साथ कहीं दूर स्थान पर जा रहे थे। रास्ता काफी लंबा होने की वजह से  सभी थक से गए थे। अब उन्हें विश्राम करने की इच्छा हुई लेकिन अगर विश्राम करते तो गंतव्य स्थल पर पहुंचने में अधिक रात हो जाती। इसलिए वह लोग निरंतर चल रहे थे।

रास्ते में एक नाला आया जिसको पार करते समय गुरुजी का कमंडल उस नाले में गिर गया। सभी शिष्य परेशान हुए  एक शिष्य मोहन कमंडल को निकालने के लिए किसी को ढूंढने चला गया। बाकि शिष्य बैठकर चिंता में डूब गये योजना बनाए लगे आखिर यह कमंडल कैसे निकाला जाए ?.

गुरु जी परेशान होने लगे

क्योंकि गुरुजी ने सभी को स्वावलंबन का पाठ पढ़ाया था। ओए आज उनकी सिख पर कोई भी शिष्य अमल नहीं कर रहा था । आखिर तक वास्तव में कोई भी उस कमंडल को निकालने के लिए खुद आगे नहीं बढ़ा, ऐसा देखकर गुरु जी काफी विचलित हुए।

मानसिकता-Mindset-hindi short kahani

hindi short kahani:-एक शिष्य जिसका नाम सुरेश था वह उठा और उसने नाले में देखा किन्तु कमंडल दिखाई नहीं दिया। क्योंकि वह कमंडल पानी के निचे जा पहुंचा था तभी सुरेश अपने कपड़े संभालते हुए नाले में उतरा और पानी में गोता लगाकर  तुरंत कमंडल लेकर ऊपर आ गया।

गुरु जी ने अपने शिष्य सुरेश की बहुत प्रशंसा की और भरपूर सराहना की क्योंकि उसने गुरूजी की शिक्षा का मान रखा था और खुद ही उस कार्य को अंजाम दिया था उधर सभी शिष्य सिर झुकाए हुए खड़े थे तभी शिष्य मोहन जो किसी को ढूंढने गया था वह भी आ पहुंचा, उसे भी अपनी गलती का पछतावा हुआ था | गुरूजी ने सबको माफ़ किया और वे आगे बढ़ गये |

hindi short kahani निष्कर्ष :-

Motivational story इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है की कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है, और जहाँ तक हो सके अपना काम स्वयं करना चाहिए । किसी भी संकट में होने के बावजूद भी दूसरे व्यक्तियों से मदद कम से कम लेनी चाहिए ।

3.hindi short kahani #  आखिरी  प्रयास 

Motivational story:-एक समय की बात है,एक राज्य में एक महान राजा राज करता था | एक बार उसके दरबार में एक विदेशी मेहमान  आया और उसने राजा को एक सुंदर पत्थर उपहार स्वरूप प्रदान किया |

राजा वह पत्थर देख बहुत खुश हुआ उसने उस पत्थर से भगवान शिव की प्रतिमा का निर्माण कर उसे राज्य के मंदिर में स्थापित करने का निर्णय लिया और प्रतिमा निर्माण का कार्य राज्य के महामंत्री को सौंप दिया |

महामंत्री गाँव के ही सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार के पास गया और उसे वह पत्थर देते हुए बोला, “महाराज मंदिर में भगवान शिव  की प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं, पांच दिवस के भीतर इस पत्थर से भगवान शिव  की प्रतिमा तैयार कर राजमहल पहुँचा देना, इसके लिए तुम्हें 100 स्वर्ण मुद्रायें दी जायेंगी”.

ज्यादा सोचने वाले जरुर पढ़े | hindi short kahani

100 स्वर्ण मुद्राओं की बात सुनकर मूर्तिकार ख़ुश हुआ और महामंत्री के जाने के तुरंत बाद प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के उद्देश्य से अपने औज़ार निकाल लिए, अपने औज़ारों में से उसने हथौड़ा और छेनी ली और पत्थर तोड़ने के लिए उस पर हथौड़े से वार करने लगा |

किन्तु वह पत्थर टुटा नहीं ,मूर्तिकार ने हथौड़े के कई वार पत्थर पर किये किंतु पत्थर नहीं टूटा |

कई बार प्रयास करने के बाद मूर्तिकार ने अंतिम बार प्रयास करने के उद्देश्य से हथौड़ा उठाया किन्तु यह सोचकर उसने प्हरहार नहीं किया की जब इतनी बार वार करने से पत्थर नहीं टूटा,तो अब क्या टूटेगा| उसने हार मान ली और

hindi short kahani

वह पत्थर लेकर वापस महामंत्री के पास गया और उसे यह कह  कर वापस दे आया कि इस पत्थर को तोड़ना नामुमकिन है, इसलिए इससे भगवान शिव की प्रतिमा नहीं बन सकती |

महामंत्री को राजा की आज्ञा हर हाल में पूरी करनी थी ,इसलिए उसने यह कार्य गाँव के एक साधारण से मूर्तिकार को सौंप दिया, पत्थर लेकर मूर्तिकार ने महामंत्री के सामने ही उस पर हथौड़े से प्रहार किया और वह पत्थर एक बार में ही टूट गया |

पत्थर टूटने के बाद मूर्तिकार प्रतिमा बनाने में जुट गया, इधर महामंत्री सोचने लगा कि काश, पहले वाले मूर्तिकार ने एक अंतिम प्रयास और किया होता, तो वह सफ़ल हो गया होता और 100  स्वर्ण मुद्राओं का हक़दार बनता |

hindi short kahani निष्कर्ष :-

hindi short kahani मित्रों, हम भी अपने जीवन में ऐसी परिस्थितियों का सामना करते रहते हैं ,कई बार हम एक-दो प्रयास में असफलता मिलने पर आगे प्रयास करना छोड़ देते हैं, जबकि हो सकता है कि कुछ प्रयास और करने पर कार्य पूर्ण हो जाये या समस्या का समाधान मिल जाये |

यदि जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो बार-बार असफ़ल होने पर भी तब तक प्रयास करना नहीं छोड़ना चाहिये, जब तक सफ़लता नहीं मिल जात | क्या पता ! जिस प्रयास को करने के पूर्व हम हार मान ले ,वही हमारा अंतिम प्रयास सफल हो और हमें कामयाबी प्राप्त हो जाये |

आशा करता हूँ की आपको ये hindi short kahani पसंद आई होगी , आपके कमेंट और सुझाव हमें जरुर बताये | धन्यवाद

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